हम मुस्कुराते रहे दुनिया के लिए,
और रातों को खुद से टूटते रहे।
जिसे अपना समझा था उम्र भर,
उसी ने सिखाया कि तन्हाई क्या होती है।
खामोशी का भी एक शोर होता है,
जो सिर्फ टूटा हुआ दिल ही सुन पाता है।
हमने छोड़ना सीखा नहीं था,
और उसने निभाना कभी सीखा ही नहीं।
कुछ जख्म दिखते नहीं,
मगर हर सांस के साथ दर्द देते हैं।
वो चला गया बिना अलविदा कहे,
और हम उम्र भर जवाब ढूंढते रहे।
दिल ने आज फिर एक बात मानी,
हर अपना, अपना नहीं होता।
जिसे हम अपना सब कुछ मान बैठे,
उसी ने हमें कुछ भी नहीं छोड़ा।
वक़्त ने सब सिखा दिया हमें,
बस भरोसा करना छोड़ दिया।
अब शिकायत भी किससे करें,
जब कहानी अधूरी हमारी थी और फैसला उसका।