तेरे इश्क़ में इतना खो गए हम,
कि खुद को ढूंढें तो तेरा चेहरा मिलता है।
प्यार वो नहीं जो दुनिया को दिखाया जाए,
प्यार वो है जो बिना कहे समझा जाए।
तू मिले तो लगा मुकम्मल हो गई ज़िंदगी,
वरना हर ख्वाब अधूरा सा लगता था।
तेरे साथ की आदत सी हो गई है मुझे,
अब तन्हाई भी अजनबी लगती है।
कभी मुस्कान बन के होठों पर रहता है तू,
कभी धड़कन बन के सीने में बस जाता है।
इश्क़ की कोई हद नहीं होती,
ये वो सफ़र है जो रूह से शुरू होकर रूह तक जाता है।
तेरी एक नज़र की बात है बस,
वरना दिल तो रोज़ बिखरता है।
हमने चाहा नहीं कि तुम मशहूर हो जाओ,
बस इतनी सी दुआ है कि मेरे होकर रहो।
प्यार लफ्ज़ों का मोहताज नहीं होता,
ये तो आँखों से भी बयां हो जाता है।
अगर तुम साथ हो तो डर कैसा,
इश्क़ हो तो सफ़र भी घर बन जाता है।
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